अध्याय 6: ध्यान योग
श्लोक 6:31

अर्थ

भगवान श्री कृष्ण बोले

जो सभी में विद्यमान मुझ परमेश्वर की आराधना करता है, वह योगी चाहे जहाँ भी उपस्थित हो, मुझमें ही अवस्थित रहता है।

संस्कृत श्लोक

श्रीभगवान् उवाच

सर्वभूतस्थितं यो मां भजत्येकत्वमास्थितः ।

सर्वथा वर्तमानोऽपि स योगी मयि वर्तते ॥ ६:३१ ॥

पदच्छेद

सर्व-भूत-स्थितम् यः माम् भजति, एकत्वम् आस्थितः—

सर्वथा वर्तमानः अपि, सः योगी मयि वर्तते।

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